20 दिसंबर 2015 - 15:26
 इराक़ में अमरीका के ताज़ा हवाई हमले की जांच शुरु कर दी गई।

इराक़ सरकार का कहना है कि उसने अंबार प्रांत में अमरीका के ताज़ा हवाई हमले की जांच शुरु कर दी है जिसमें कम से कम 10 इराक़ी सैनिक हताहत हुए।

इराक़ सरकार का कहना है कि उसने अंबार प्रांत में अमरीका के ताज़ा हवाई हमले की जांच शुरु कर दी है जिसमें कम से कम 10 इराक़ी सैनिक हताहत हुए।
इराक़ी रक्षा मंत्री ख़ालिद अलउबैदी ने बग़दाद के पश्चिम में स्थित अंबार प्रांत के फ़ल्लूजा शहर के क़रीब इराक़ी सेना की तीसरी डिविजन की 55वीं वाहनी पर अमरीका के हमले के एक दिन बाद शनिवार को कहा, “हमारे 10 सैनिक मारे गए। इस घटना की जांच शुरु हो गयी है।”
इराक़ की संयुक्त ऑप्रेन्शनल कमान्ड की ओर से जारी बयान के अनुसार, अमरीका ने यह घातक हमला ऐसी स्थिति में किया जब अंबार प्रांत में इराक़ी सुरक्षा बलों की आतंकियों के साथ भीषण लड़ाई जारी थी।
अमरीका के इस हवाई हमले के बाद, इराक़ी संसद में राष्ट्रीय सुरक्षा व रक्षा समिति के प्रमुख हाकिम ज़ामेली ने वॉशिंग्टन पर अंबार प्रांत के रमादी और फ़ल्लूजा शहरों में दाइश के ख़िलाफ़ लड़ाई में इराक़ी सेना की प्रगति के मार्ग में जान बूझ कर रुकावट खड़ी करने का आरोप लगाया।
उन्होंने इसी प्रकार अमरीका पर दाइश के आतंकियों के लिए हवाई पैकेज गिराने और उसकी मदद के लिए हवाई हमले करने का भी आरोप लगाया।
वैसे इससे पहले इराक़ में अमरीका द्वारा विमान से दाइश के लिए हथियार गिराने की रिपोर्टें आ चुकी हैं।
हाकिम ज़ामेली ने कहा कि अमरीका के इस ‘अपराध’ के मामले को अदालत में ले जाएंगे।
इस बीच अमरीकी सेना ने कहा है कि वह इस बारे में जिसे उसने ‘ग़ैर दुश्मनी वाली फ़ायरिंग’ की घटना का नाम दिया है, अपनी जांच शुरु करेगी।
अमरीका ने यह हवाई हमला, इस देश के रक्षा मंत्री एश्टन कार्टर के बग़दाद जाने के कुछ समय बाद किया। एश्टन कार्टर इराक़ सैनिक और हेलीकाप्टर गनशिप भेजने की योजना पर चर्चा के लिए गए थे जिसे इराक़ी संसद ने कड़ाई से नकार दिया।
इस घटना के बाद से इराक़ में अमरीका की सैन्य मदद की आलोचना बढ़ती जा रही है।
शुक्रवार के इस हमले से पहले बग़दाद अनेक बार दाइश के ख़िलाफ़ अमरीका की हवाई कार्यवाही को अनुपयोगी बता चुका है।
इराक़ में दाइश ने जून 2014 से अब तक शीया, सुन्नी, कुर्द और ईसाई सहित सभी धर्मों के अनुयाइयों व संप्रदायों के ख़िलाफ़ ऐसे जघन्य अपराध किए हैं जिनसे मानवता सिर शर्म से झुक जाए।